सागर में तलवार वाले गरबा से नारीशक्ति का संदेश, युवतियों ने दिखाया शौर्य और आत्मविश्वास
नवरात्रि में गरबा की धूम तो आपने खूब देखी होगी, लेकिन मध्य प्रदेश के सागर में गरबा का एक अनोखा अंदाज देखने को मिल रहा है। यहां युवतियां लकड़ी की तलवारों के साथ गरबा कर रही हैं। इस प्रस्तुति के जरिए नारीशक्ति, आत्मसम्मान और आत्मरक्षा का संदेश दिया जा रहा है। सिंहस्थ परिवार एनजीओ द्वारा आयोजित सिंहस्थ नवरात्रि महोत्सव 2026 में परंपरा, संस्कृति और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
सागर के सिविल लाइंस स्थित दीपक होटल में आयोजित इस महोत्सव की खास पहचान तलवार वाला गरबा बना हुआ है। इसमें युवतियां लकड़ी से बनी तलवारों के साथ तालमेल, संतुलन और शौर्यपूर्ण मुद्राओं का प्रदर्शन करती हैं। इस प्रस्तुति के लिए प्रतिभागियों ने करीब दो महीने तक नियमित अभ्यास किया है। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक संतुलन, अनुशासन और सुरक्षित तरीके से प्रदर्शन करने पर ध्यान दिया जाता है।
आयोजकों का उद्देश्य नवरात्रि के सांस्कृतिक उत्सव को महिला सशक्तीकरण और आत्मरक्षा के संदेश से जोड़ना है। उनका मानना है कि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें अपनी क्षमताओं का एहसास कराने और समाज में सम्मानजनक वातावरण बनाने के लिए जागरूकता के साथ प्रशिक्षण भी जरूरी है। सनातन दिखाया नहीं जाता, जिया जाता है। हमारी संस्कृति हमें शक्ति, साहस, मर्यादा और नारी सम्मान का संदेश देती है। हम चाहते हैं कि बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और आत्मरक्षा के लिए जागरूक हों।”
आयोजकों के मुताबिक, तलवार वाला गरबा हिंसा का नहीं, बल्कि आत्मबल, अनुशासन और नारी सम्मान का प्रतीक है। इस आयोजन में युवतियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता भी प्रदर्शित कर रही हैं। सिंहस्थ नवरात्रि महोत्सव का संदेश साफ है—परंपरा भी, संस्कृति भी और नारीशक्ति के साथ आत्मरक्षा का संकल्प भी। सागर में गरबा का यह अनोखा अंदाज उत्सव को एक सामाजिक संदेश से जोड़ रहा है।