ऊंची पहाड़ी पर विराजीं मां विंध्यवासिनी, सुबह 4 बजे से लग रही कतारें, नवरात्रि में उमड़ रहे श्रद्धालु
एमपी के सागर संभाग के टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ के पास ऊंची पहाड़ी पर विराजमान मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। सुबह चार बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है। भक्त मां के जयकारे लगाते हुए परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जा रही है। इसी क्रम में बल्देवगढ़ स्थित मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर में भी भक्तों की गहरी आस्था देखने को मिल रही है। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और माता रानी से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
मंदिर में मनौती मांगने की परंपरा भी श्रद्धालुओं की आस्था का खास हिस्सा है। भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने की उम्मीद में मंदिर परिसर में लगी जाली पर मनौती बांधते हैं। वहीं, जिन श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी हो जाती है, वे दोबारा माता के दरबार में पहुंचकर मनौती खोलते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
इस दौरान श्रद्धालु नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर मां का आशीर्वाद लेते हैं। मंदिर परिसर में माता के जयकारों और भक्ति भाव से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
नवरात्रि के दिनों में यहां स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भक्तों की आस्था और धार्मिक परंपराओं के चलते मां विंध्यवासिनी का दरबार इन दिनों विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
शारदीय नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी के दरबार में आस्था, विश्वास और भक्ति का संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।