सूखे की आहट! कांग्रेस ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, किसानों के लिए मांगी राहत
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में कम बारिश के चलते जल संकट की आशंका को लेकर सियासत गरमा गई है। जिले की सभी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने, बिजली कटौती बंद करने और किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोठी पैलेस स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के सामने किसानों की समस्याएं उठाईं। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। उज्जैन जिले में इस साल कम बारिश होने के चलते पानी की उपलब्धता और खेती को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं की मांग है कि उज्जैन जिले की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके। इसके साथ ही नेताओं ने सरकारी वसूली पर रोक लगाने और बिजली कटौती बंद करने की मांग भी उठाई।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति से किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है। ऐसे में खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है। पार्टी ने मांग की कि किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे अपनी फसलों को बचा सकें।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम पवन बारिया को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विधायक महेश परमार, दिनेश जैन ‘बोस’, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष अर्पित यादव सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उज्जैन में कम बारिश और बिजली कटौती का मुद्दा अब राजनीतिक प्रदर्शन का रूप ले चुका है। कांग्रेस ने किसानों के हित में तत्काल राहत देने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन जिले में बारिश की स्थिति, जल उपलब्धता और कृषि संबंधी परिस्थितियों का आकलन कर किसानों के लिए क्या कदम उठाता है।