विवाह को लेकर कलेक्ट्रेट में हंगामा, हिंदू धर्म सेना ने रुकवाया कार्यक्रम
मध्य प्रदेश के जबलपुर कलेक्ट्रेट में बुधवार को एक युवक और युवती के विवाह को लेकर हंगामे की स्थिति बन गई। अलग-अलग धार्मिक समुदायों से ताल्लुक रखने वाले युवक-युवती विवाह के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंच गए और विवाह पर आपत्ति जताते हुए उसे रुकवा दिया। संगठन ने युवती पर दबाव डालने और धर्मांतरण की कोशिश के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, युवक के परिजन युवती और उसके परिवार के सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। इसी बीच हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां हंगामे की स्थिति बन गई। संगठन के कार्यकर्ताओं ने युवक-युवती की पहचान और विवाह से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की। उनका आरोप था कि युवती को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही है।
हिंदू धर्म सेना के अध्यक्ष नीरज राजपूत ने बताया कि संगठन को विवाह की सूचना मिली थी। इसके बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और विवाह रुकवाकर पुलिस को सूचना दी। संगठन ने युवक की पहचान और दस्तावेजों की प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। बताया जा रहा है कि युवती मध्य प्रदेश के बाहर की रहने वाली है, जबकि युवक जबलपुर के शास्त्री ब्रिज क्षेत्र का निवासी है। हालांकि, दोनों की पहचान, विवाह की परिस्थितियों और सहमति से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
हंगामे की सूचना पर ओमती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और युवक-युवती सहित संबंधित लोगों को थाने ले गई। फिलहाल, विवाह को लेकर विवाद और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जबलपुर कलेक्ट्रेट में हुए इस घटनाक्रम ने विवाह, सहमति और पहचान से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि युवक-युवती की सहमति क्या थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के तथ्य सामने आना जरूरी है।