संदिग्ध खाद फैक्ट्री पर छापा, 300 से ज्यादा कट्टे जब्त; जांच जारी
मध्य प्रदेश के मुरैना में खाद की पैकिंग से जुड़ा संदिग्ध मामला सामने आया है। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के जेबराखेड़ा गांव के पास पुलिस ने एक प्लॉटिंग में संचालित फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां डीएपी खाद के कट्टों की पैकिंग की जा रही थी। मौके से 300 से अधिक खाद के कट्टे जब्त किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि यहां खाद की संदिग्ध पैकिंग की जा रही थी। अब कृषि विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि खाद असली है या नकली।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से जेबराखेड़ा गांव के पास खाद की संदिग्ध पैकिंग किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। छापे के दौरान आधा दर्जन से अधिक मजदूर खाद के कट्टों को बोरियों में भरकर पैक करते मिले। पुलिस ने मौके से 300 से अधिक खाद के कट्टे जब्त किए और मामले की जानकारी संबंधित विभागों तथा प्रशासन को दी। कार्रवाई के बाद अब इस बात की पड़ताल की जा रही है कि यहां खाद की पैकिंग किसके निर्देश पर हो रही थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौके पर मिली खाद कहां से लाई गई थी और उसकी पैकिंग के लिए जरूरी दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। खाद की गुणवत्ता, वास्तविक पहचान और पैकेटों पर दर्ज जानकारी की जांच भी की जाएगी। हालांकि, अभी तक खाद के नकली होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कृषि विभाग की जांच और नमूनों के परीक्षण के बाद ही खाद की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डीएपी खाद किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि बाजार में नकली या घटिया गुणवत्ता वाली खाद बेची जाती है, तो इससे किसानों की फसलों और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध फैक्ट्री से खाद के कट्टे जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब कृषि विभाग की रिपोर्ट पर नजर रहेगी। जांच में यदि अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।