MP के 55 गांवों में बिजली संकट, 8 दिन से कटौती; किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश के खंडवा में नवरात्रि से पहले बिजली संकट ने किसानों और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। जिले के करीब 55 गांवों में पिछले आठ दिनों से रोजाना छह से आठ घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं ग्रामीण ग्रिड पर पहुंचकर विरोध जता रहे हैं, तो कहीं चक्काजाम की नौबत बन रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस बीच प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दो से चार दिन में बिजली आपूर्ति सामान्य होने का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, दिन में कई बार बिजली कटती है और रात में भी हर आधे से एक घंटे के अंतराल पर ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। इससे किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। वहीं, घरेलू कामकाज और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार कटौती से नाराज ग्रामीण अलग-अलग क्षेत्रों में विद्युत वितरण केंद्रों और ग्रिडों पर पहुंचकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिल रहा। नवरात्रि नजदीक होने के कारण धार्मिक आयोजनों और विद्युत सजावट की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
उधर, पंधाना क्षेत्र में भी लोड मैनेजमेंट के नाम पर बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। विद्युत विभाग के अनुसार, बिजली उत्पादन में अस्थायी कमी के चलते आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उत्पादन सामान्य होने पर व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है। बढ़ते विरोध के बीच खंडवा के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने अधिकारियों से चर्चा कर अगले दो से चार दिनों में बिजली आपूर्ति व्यवस्थित होने का भरोसा अब ग्रामीणों की निगाहें मंत्री के आश्वासन पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या तय समय में बिजली संकट दूर होगा या किसानों का आंदोलन और तेज होगा?