टीआई की बर्खास्तगी की मांग, जय जोहार’ पर विवाद, आदिवासी छात्रों का धरना
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जय जोहार के नारे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। आदिवासी छात्रों के साथ कथित गाली-गलौज के मामले में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। छात्र पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और संबंधित टीआई के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने के साथ सेवा समाप्त करने की मांग उठाई। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही होगी।
पूरा मामला छात्रवृत्ति से जुड़े मुद्दे पर हुए प्रदर्शन का है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, जीजीपी पार्टी की छात्र इकाई छात्रवृत्ति के मुद्दे को लेकर विरोध कर रही थी। छात्र मुख्यमंत्री निवास की ओर जाना चाहते थे, जिसके चलते मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान टीआई रतन सिंह परिहार भी वहां मौजूद थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘जय जोहार’ के नारे लगाए, जिसके बाद टीआई ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया और आदिवासी छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
वीडियो सामने आने के बाद भोपाल पुलिस ने टीआई रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की। लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि निलंबन पर्याप्त नहीं है। वे संबंधित अधिकारी के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने और सेवा समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जय जोहार महज अभिवादन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान और सम्मान का प्रतीक है। उनका आरोप है कि इस नारे को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी से पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो भोपाल में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, टीआई का निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई हो चुकी है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और आदिवासी छात्रों की कानूनी कार्रवाई की मांग पर पुलिस प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।