4.70 करोड़ रूपये से तैयार किया सोलर पैनल सिस्टम, 25 साल तक बेचेंगे बिजली, खेती की भी है योजना
एक किसान ने करोड़ों रूपये की लागत लगाकर एक मेगावाट का सोलर पैनल लगाया है। इसके जरिये यह 25 सालों तक बिजली को बेचेंगे। ये काम शुरू भी हो गया है। वह सिर्फ सोलर सिस्टम पर ही निर्भर नहीं हैं बल्कि उनकी योजना खेती करने की भी है। आपको नज़र आने वाली ये तस्वीरें भिंड जिले के मुस्तरा गांव की हैं। किसान चेतन सिंह नरवरिया ने आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती के साथ बिजली उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के घटक-ए के तहत 4.70 करोड़ रुपए की लागत से सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है। उनकी सिर्फ खेती से नहीं बल्कि बिजली से भी आय होगी।
बताया गया की सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में कुल 4 करोड़ 70 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इसके लिए उन्होंने बैंक से 3.25 करोड़ रुपए का ऋण लिया है। 28 जुलाई 2026 से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। यहां तैयार होने वाली बिजली की आपूर्ति मुस्तरा सब-स्टेशन में की जा रही है। चेतन सिंह कहते हैं की उनका मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के साथ 25 साल तक बिजली बेचने का समझौता हुआ है। जिसके तहत बिजली की दर 3.25 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है। एक मेगावाट क्षमता वाले इस सोलर प्लांट से हर साल करीब 18 से 20 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने का अनुमान है। किसान चेतन सिंह नरवरिया की माने तो उनकी योजना भविष्य में सोलर पैनलों के नीचे सब्जियों की खेती करने की भी है। उनका संयंत्र सेमी एग्रो-वोल्टाइक मॉडल पर आधारित है। मतलब नीचे जमीन पर खेती की संभावना होती है। प्रयोग सफल हुआ तो दो तरह से आय हो सकेगी। बताया गया की प्रधानमंत्री कुसुम योजना के घटक-ए का उद्देश्य विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर तैयार करना है। पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार किसान और अन्य पात्र संस्थाएं सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकती हैं।--