PTC के हेड कॉन्स्टेबल के ठिकानों पर छापे, साढ़े 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा, 15 ठिकानों पर छापेमारी
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एमपी के इंदौर पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के इंदौर और देवास स्थित 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई इस कार्रवाई के दौरान शुरुआती जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने की बात कही गई है। फिलहाल, लोकायुक्त की टीमें संपत्तियों के दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। इंदौर में चार और देवास में 11 ठिकानों पर एक साथ जांच की जा रही है।
लोकायुक्त की शुरुआती जांच के अनुसार, फिरोज खान की कुल आय करीब 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 223 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान देवास के आदर्श नगर स्थित आवास सहित मकान, फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इंदौर के मनोरमा अपार्टमेंट में उनकी मां के नाम पर खरीदे गए दो फ्लैट भी जांच के दायरे में हैं।
इसके अलावा देवास के गजीपुरा, गुरान, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी में कृषि भूमि तथा व्यावसायिक भूखंडों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का एग्रीमेंट कराने का आरोप भी सामने आया है। उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया गया है। लोकायुक्त टीम फिरोज खान के परिवार से जुड़ी कंपनियों और संबंधित कारोबार के वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन और इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की जा रही है। फिलहाल, यह शुरुआती जांच का मामला है। संपत्तियों का वास्तविक मूल्य, आय के स्रोत और कथित अनियमितताओं की अंतिम स्थिति विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।