वन विभाग का डिप्टी रेंजर 3 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, सरकारी आवास पर छापा,लोकायुक्त की कार्यवाई
वन विभाग के डिप्टी रेंजर को तीन हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वनपाल पर लकड़ी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगने और राशि न देने पर पंजीयन निरस्त करने की धमकी देने का आरोप है। मामला छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ का है जहां जबलपुर लोकायुक्त टीम ने सरकारी आवास पर छापामार कार्यवाई की।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता मोखराम मालवीय निवासी बिछुआ के भाई लेखराम मालवीय के नाम पर मध्यप्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम, 1969 की धारा 11 के तहत इमारती लकड़ी के विनिर्माता और उपभोक्ता के रूप में पंजीयन है। इस कारोबार के लिए मोखराम मालवीय और उनके भाई को फर्नीचर निर्माण के लिए अलग-अलग स्थानों से इमारती लकड़ी खरीदनी पड़ती है। जिसका नियम ये है की खरीदी गई लकड़ी से संबंधित जानकारी हर तीन महीने में वन विभाग के डिप्टी रेंजर के समक्ष प्रस्तुत करनी होती है। लेकिन आरोप है की इस जानकारी पर हस्ताक्षर करने के एवज में प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी ने मोखराम मालवीय से 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। ऐसा न करने पर पंजीयन निरस्त करने की बात कही जा रही थी।
जिससे परेशान होकर मोखराम मालवीय ने लोकायुक्त से शिकायत की। जिसके बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। जब फरियादी बनपाल के बिछुआ स्थित वन परिक्षेत्र के शासकीय आवास पर पहुंचा और उसे 3 हजार रुपए दिए। तभी तैयार बैठी लोकायुक्त टीम ने सुनील बनवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। जिन पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्यवाई की गयी।
मामले में लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र यादव ने जानकारी दी।------