शिवराज सिंह के बाद उनके बेटे का भी फूटा गुस्सा, MP सरकार के अफसरों को दी चेतावनी,
सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों पर कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद अब उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान भी पीड़ित परिवारों के समर्थन में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गरीबों के अधिकारों के रास्ते में आने वाले अधिकारियों को उनका सामना करना पड़ेगा।
धरना स्थल पर कार्तिकेय ने कहा कि वह किसी राजनीतिक परिवार के सदस्य के तौर पर नहीं, बल्कि उस विश्वास के कारण आदिवासी परिवारों के साथ खड़े हैं, जो उन्होंने 2023 में लोगों से प्राप्त किया था। उन्होंने संकल्प लिया कि पीड़ितों को उनके अधिकार दिलाकर रहेंगे। कार्तिकेय ने गांव के पुराने कुएं को मिट्टी से बंद किए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि जिन आदिवासी बच्चों के सिर से छत छिन गई है, उनके पक्के मकान दोबारा बनने तक वह चैन से नहीं बैठेंगे।
इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने भी कोसमी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन पर आदिवासी परिवारों के मकान गिराने, फसलें नष्ट करने और कुएं को मिट्टी से भरने के आरोप लगाए। शिवराज ने मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से चर्चा कर नाराजगी जताई और मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने उठाने की बात कही।
वहीं, इस घटना को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर सरकार पर निशाना साधा। अब कोसमी गांव की यह कार्रवाई प्रशासनिक मुद्दे के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का केंद्र बन गई है।