सड़क चौड़ीकरण पर बवाल, व्यापारियों का आरोप—रात 1:45 बजे हुई मार्किंग से उजड़ेंगी दुकानें
सिंहस्थ की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर होते हुए कमरी मार्ग तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण और सीसी रोड निर्माण को लेकर व्यापारियों में भारी नाराजगी है। करीब 24 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए आधी रात को मार्किंग किए जाने का आरोप व्यापारियों ने लगाया है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से पुराने बाजार की सैकड़ों दुकानों और मकानों पर संकट खड़ा हो सकता है। व्यापारियों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
एमपी के उज्जैन के महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर और कमरी मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण की योजना ने स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। पटनी बाजार के व्यापारी जितेश नीमा का आरोप है कि रात के समय अचानक चार-चार मीटर तक की मार्किंग कर दी गई। उनके मुताबिक, इससे बाजार की करीब 70 प्रतिशत दुकानों पर असर पड़ सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि इस पुराने बाजार में लगभग 250 कारोबारी लंबे समय से व्यापार कर रहे हैं। दुकानों की गहराई पहले ही कम है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण के दौरान दुकानें प्रभावित हुईं, तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारी नितिन मूंदड़ा ने आरोप लगाया कि रात करीब पौने दो बजे बिना पूर्व सूचना और स्पष्ट पहचान के मार्किंग की गई। विरोध करने पर संबंधित दल वहां से चला गया। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें तीन दिन बाद नोटिस दिए जाने की बात भी कही गई, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
महिला व्यापारी प्रभा शर्मा ने कहा कि व्यापारी विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी दुकानों और मकानों को नुकसान पहुंचाकर विकास नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यातायात सुधारने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित किया जाए।
व्यापारियों का दावा है कि मौजूदा सड़क करीब 40 से 42 फीट चौड़ी है और इसे 65 फीट करने की योजना से पुराने बाजार का स्वरूप बदल सकता है। हालांकि, चौड़ीकरण की वास्तविक सीमा और प्रभावित संपत्तियों की स्थिति पर प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
सिंहस्थ की तैयारियों के बीच अब सवाल है कि शहर के विकास और व्यापारियों के हितों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा। व्यापारी मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।