बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, सीहोर-भोपाल हाईवे पर चक्काजाम
बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। अघोषित बिजली कटौती और लोड सेटिंग से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को सीहोर-भोपाल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
एमपी के सीहोर क्षेत्र में बिजली की बार-बार हो रही कटौती से परेशान ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और हाईवे पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग लोड सेटिंग और मेंटेनेंस के नाम पर बिना पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद कर देता है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में नारेबाजी करते हुए कहा— “एक कचोरी दो समोसा, इन बिजली विभाग वालों का क्या भरोसा!” इस नारे के जरिए ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर तंज कसा और लगातार हो रही कटौती पर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, किसानों को फसलों की सिंचाई करने में परेशानी हो रही है। बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला है।
हाईवे पर चक्काजाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन ने क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की नाराजगी के बाद बिजली विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल, ग्रामीणों की मांग है कि अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए और बिजली आपूर्ति को नियमित किया जाए।