जेएनयू प्रोफेसर के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, पुतला जलाकर जताया विरोध
जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर एमपी के उज्जैन में भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रोफेसर का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया और महिलाओं की सुरक्षा तथा सम्मान का मुद्दा उठाया। यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। जेएनयू ने जांच के बाद अकोइजाम को सेवा से बर्खास्त किया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने भी मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। अकोइजाम ने आरोपों और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
उज्जैन में भाजपा महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अल्प सूचना पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रोफेसर के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में नगर निगम सभापति कलावती यादव, जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुलाल जाटव, महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष बमीला यादव और जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष नीना चौहान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
नगर निगम सभापति कलावती यादव ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीर बताते हुए कहा कि महिलाओं के मान-सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं ने भी मांग की कि छात्राओं की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो और महिलाओं को न्याय मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
गौरतलब है कि जेएनयू की आंतरिक समिति ने छात्राओं की शिकायतों की जांच की थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर को अकोइजाम को सेवा से बर्खास्त कर दिया। 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने भी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की। अकोइजाम ने आरोपों को खारिज करते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पुलिस की जांच जारी है।
उज्जैन में हुआ यह प्रदर्शन महिलाओं की सुरक्षा और जवाबदेही के मुद्दे को लेकर भाजपा महिला मोर्चा के विरोध का हिस्सा रहा। अब इस मामले में कानूनी जांच और संबंधित पक्षों की दलीलों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।