सागर-दमोह हाईवे की डिजाईन में बड़ा बदलाव, रोड सेफ्टी और बाईपास को लेकर हुए निर्णय
सागर-दमोह स्टेट हाईवे को फोरलेन में अपग्रेड करने की योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस हाईवे पर चार की जगह पांच बाईपास बनाए जाने की तैयारी है। गढ़ाकोटा से करीब 7 किलोमीटर पहले स्थित चनौआ गांव को भी बाईपास के दायरे में शामिल किया गया है। इसके लिए डिजाइन में बदलाव किया गया है। हालांकि, चनौआ बाईपास की लंबाई और उसका रूट अभी तय नहीं हुआ है। फिलहाल इसके लिए असेसमेंट का काम चल रहा है। स्थान और लंबाई तय होने के बाद हाईवे पर बनने वाले बाईपास की कुल लंबाई 17 किलोमीटर से अधिक होने की संभावना है।
इस परियोजना के तहत सागर-दमोह स्टेट हाईवे-63 को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। शुरुआती योजना में 15.4 किलोमीटर लंबे चार बाईपास प्रस्तावित थे। इनमें परसोरिया में 2.5 किलोमीटर, गढ़ाकोटा में 7 किलोमीटर, रोन में 2.5 किलोमीटर और बांसा में 3.5 किलोमीटर लंबा बाईपास शामिल है। इनमें गढ़ाकोटा का बाईपास सबसे लंबा होगा। अब चनौआ को भी बाईपास से जोड़ने की योजना बनने के बाद परियोजना का दायरा बढ़ने की संभावना है।
सागर-दमोह स्टेट हाईवे की कुल लंबाई करीब 76 किलोमीटर होगी। यह सड़क सागर जिले के 23 और दमोह जिले के 14 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगी। इसमें 43.6 किलोमीटर सड़क सागर जिले में और 31.4 किलोमीटर दमोह जिले की सीमा में बनेगी। पूरी परियोजना पर 2059 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, शुरुआती टेंडर से जुड़ी जानकारी के मुताबिक 707 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का काम एक राजस्थान की कंपनी को मिला है।
एमपीआरडीसी के अधिकारियों के मुताबिक, हाईवे को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकें। सड़क पर अचानक आने वाले मोड़ों और दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को सुरक्षित बनाने के लिए 21 रोड सेफ्टी कर्व इंप्रूवमेंट पॉइंट विकसित किए जाएंगे।
इन स्थानों पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे वाहन चालकों को सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई दे। साथ ही, मोड़ पर वाहन की गति नियंत्रित करने और सुरक्षित तरीके से दिशा बदलने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहेगी। इन सुधारों से दुर्घटनाओं की आशंका कम करने और यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद सागर और दमोह के बीच आवागमन को बेहतर बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।