रात में दिल्ली जाने की तैयारी में थे कांग्रेसी,पुलिस ने होटलों,हाईवे समेत अन्य जगहों से किया नज़रबंद!
आधी रात को दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे दो जिले के कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने पकड़कर नज़रबंद कर लिया। बताया गया की कांग्रेस नेताओं को होटलों घरों और हाईवे के अलावा अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया। जिससे कांग्रेसियों में फ़ैल गया उन्होंने इसे लोकतंत्र का मर्डर बताया। यहां बात मुरैना जिले की हो रही है। दरअसल चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे मुरैना और भिंड के कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने आधी रात हिरासत में लेकर नजरबंद किया।
बताया गया की मुरैना और भिंड के कांग्रेस नेता दर्जनों गाड़ियों से दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। कांग्रेसियों की योजना रात दो बजे दिल्ली के लिए निकलने की थी। कुछ नेता निजी होटल में जुटे थे, तो कुछ पूर्व शहर जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा के घर और हाईवे पर मौजूद थे। तभी पुलिस की अलग-अलग टीमें सक्रिय हुईं और दिल्ली जाने से पहले ही कांग्रेस नेताओं को पकड़कर नजरबंद कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई में मुरैना कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर, भिंड शहर जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना, वरिष्ठ नेता प्रबल प्रताप सिंह मावई और सुभाष सिकरवार समेत कई नेताओं को होटल और पूर्व शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष के कार्यालय से पकड़ा गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए और उनकी गाड़ियों को जब्त कर थानों में ले जाया गया। कांग्रेसियों ने कहा की कुछ नेताओं को अन्य निजी होटल और लोहिया बाजार के एक होटल समेत अन्य स्थानों पर नजरबंद किया गया।
कांग्रेस ग्रामीण मुरैना जिलाध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जनता के जनमत से बनी सरकार नहीं, बल्कि वोट चोरी करके बनाई गई सरकार है। उन्होंने कहा की वे चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रखेंगे।
वहीं भिंड शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि वे भिंड के कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली जा रहे थे और मुरैना के कांग्रेस नेता भी उनके साथ शामिल होने वाले थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें होटल से हिरासत में ले लिया। जबकि इसका कोई कारण नहीं बताया। कांग्रेस ने इस कार्यवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया।