30 से 40 सालों से रह रहे परिवारों को मिले पट्टा, ताकि कर सकें पक्का निर्माण, रक्षा मंच ने उठाई आवाज !
करीब तीस से चालीस सालों से अपने परिवारों के साथ रह रहे लोगों को अब उस जमीन का पट्टा दिए जाने की मांग उठने लगी है। ताकि वह पक्के मकान बनाकर रह सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिल सके। इसी को लेकर छिंदवाड़ा जिले में रक्षा मंच द्वारा WCL की अनुपयोगी जमीन पर पट्टे की मांग की जा रही है।
बताया गया की छिंदवाड़ा में कोयलांचल क्षेत्र में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की अनुपयोगी जमीन पर सालों से परिवार रह रहे हैं। जिसको लेकर रक्षा मंच के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा गया की पात्र परिवारों को नियमानुसार पट्टे जारी किए जाएं।
रक्षा मंच के संयोजक राजकुमार सिंह के मुताबिक कोयलांचल क्षेत्र में कई परिवार पिछले 30 से 40 सालों से WCL की खाली पड़ी जमीन पर निवास कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद उनके पास जमीन का वैध पट्टा नहीं है। जिससे ये परिवार अपने कच्चे मकानों को पक्के मकानों में बदलने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसलिए मांग की गयी है की भूमि, जिसका वर्तमान में उपयोग नहीं हो रहा है और जहां भविष्य में कोयला खनन की संभावना नहीं है उसकी स्थिति का परीक्षण कराया जाए। इसके बाद नियमानुसार भूमि को मध्य प्रदेश शासन को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि पात्र कब्जाधारियों को पट्टे दिए जा सकें।
ज्ञापन में रेलवे विभाग की जमीन पर रह रहे परिवारों की समस्या भी उठाई गई। रक्षा मंच के अनुसार करीब 30 साल पहले बिछाई गई नैरोगेज रेलवे लाइन अब हटाई जा चुकी है लेकिन उसके आसपास बड़ी संख्या में परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं। मंच ने प्रशासन से रेलवे की संबंधित भूमि की स्थिति का परीक्षण कराने और नियमानुसार पात्र परिवारों को राहत देने की दिशा में पहल करने की मांग की है। जिससे इन परिवारों को भी आवास संबंधी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।------ फिलहाल प्रशासन द्वारा आगे क्या कार्यवाई की जाती है इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।-