Sagar- शुभ कार्य से पहले बाघराज वाले दादा ने दिए दर्शन, भक्तों में उत्साह, नवरात्रि की शुरुआत
कोई शुभ कार्य जैसा मौक़ा हो और बाघराज वाले दादा किसी रूप में दर्शन न दें, ऐसा भला कैसे हो सकता है। हर साल की तरह और हर बार की तरह फिर एक दफा सागर के बाघराज स्थित मंदिर परिसर में बाघराज वाले दादा ने दर्शन दिए हैं जिससे भक्तों में उत्साह है। और हो भी क्यों न क्योंकि शारदीय नवरात्रि की शुरुआत जो हो गयी है। जी हां सागर के बाघराज में हरसिद्धि देवी बाघराज मंदिर है जहां की बात ही निराली मानी जाती है।
यहां हर साल नवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है ये सिलसिला शुरू हो गया है हर रोज की तरह पढ़ने वाली भीड़ के अलावा नवरात्रि के दिनों में ये कारवां काफी बढ़ जाता है। सुबह से शुरू होने वाला श्रद्धालुओं का सिलसिला देर रात तक जारी रहता है। भारी तादाद में सागर ही नहीं बल्कि दूर-दराज से लोग यहां दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।
वहीं मुख्य रूप से बात बाघराज वाले दादा जी की, ऐसा कहा जाता है की बाघराज मंदिर हरसिद्धि माता के दरबार में जब भी कोई शुभ कार्य होता है तो बाघराज वाले दादा दर्शन देने जरूर आते हैं। ऐसा हर बार होता है और इस बार भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला है। शारदरीय नवरात्रि की पूर्व संध्या पर बाघराज वाले दादा ने दर्शन दिए। और इसी के बाद से यहां शुभ कार्यों की शुरुआत हो गयी है। दरअसल ऐसा माना जाता है की किसी न किसी रूप में दर्शन जरूर दिए जाते हैं। इस बार नागिन रूप में लोगों को दर्शन करने को मिले हैं। कुछ समय नज़र आने के बाद वह लोगों को दिखाई नहीं देते हैं। यह बात भी अपने आप में अनूठी मानी जाती है। खैर ये लोगों की मान्यता है। उनकी आस्था और श्रद्धा का विषय है।