Sagar- JNPA का आदेश और टूट गई 25 साल पुरानी परंपरा, मंदिर नहीं पार्क में स्थापित करनी पड़ी प्रतिमा
सागर में जो धार्मिक कार्य पिछले कई सालों से निरंतर होता आ रहा था। उस काम में अब व्यवधान हुआ है सालों साल पुरानी परंपरा को तोड़न पड़ा है क्योंकि जेएनपीए के एक अधिकारी के फरमान की बदलौत दुर्गा प्रतिमा का स्थान बदलना पड़ा है इस तरह 25 सालों से चली आ रही परम्परा टूट गयी है। दरअसल हम आपको बता दें की ये पूरा विवाद सागर के दादा दरबार मंदिर परिसर का है। जहां दुर्गा प्रतिमा की स्थापना को लेकर विवाद की स्थिति बन गयी। और इसकी वजह है JNPA का आदेश, जिसमें लिखा था की रात 9 बजे तक ही झांकी के दर्शन होंगे इसके बाद पंडाल बंद करना होगा। इसी वजह से देवी जी की प्रतिमा को पास ही स्थित पार्क में स्थापित करना पड़ा।
बताया जा रहा है की दादा दरबार मंदिर में देवी प्रतिमा की स्थापना को लेकर जेएनपीए प्रशासन और दुर्गा समिति के सदस्य आमने-सामने आ गए। दरअसल जेएनपीए की ओर से जारी आदेश में रात 9 बजे तक ही झांकी के दर्शन करने और इसके बाद पंडाल बंद करने के निर्देश दिए गए थे। समिति के लोगों ने इसका विरोध किया उनका कहना था कि पिछले 25 सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार मंदिर परिसर में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाती रही है।
इस बार भी समिति ने प्रतिमा स्थापना को लेकर पूरी तैयारियां कर ली थीं। लेकिन प्रशासन के निर्देशों के चलते विवाद की स्थिति बन गयी। और मंदिर परिसर में प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी। इस तरह 25 साल पुरानी परंपरा टूट गई और दुर्गा समिति के सदस्यों को देवी प्रतिमा मंदिर से हटाकर पास ही स्थित पार्क में स्थापित करनी पड़ी।
अब इस मामले के सामने आने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा का माहौल भी गर्म है।------