कलेक्टर ने SDM हटाए गए और तहसीलदार सहित दो कर्मचारी निलंबित
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले की दमयंती नगर तहसील में लापरवाही और अनियमितताओं के मामले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व प्रकरणों और आम लोगों की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होने की शिकायतों के बाद एसडीएम सौरभ गंधर्व को पद से हटा दिया गया है। वहीं, तहसीलदार रॉबिन जैन और लिपिक प्रियांक कोरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल, दमयंती नगर तहसील में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों, नामांतरण और अन्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके अलावा हल्का स्तर पर होने वाले कामों में भी लापरवाही की बात सामने आई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विभिन्न तहसीलों का निरीक्षण कराया। इसके लिए सागर से आई टीम की मदद ली गई। जांच के दौरान दमयंती नगर तहसील में कई गंभीर अनियमितताएं और कामकाज में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।
कलेक्टर ने बताया कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए तहसील स्तर पर ही शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शिकायतें मिलने पर औचक जांच के लिए अधिकारियों के 11 दल गठित किए गए। जांच के आधार पर एसडीएम सौरभ गंधर्व को पद से हटाया गया, जबकि तहसीलदार रॉबिन जैन और लिपिक प्रियांक कोरी को निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल, नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी को तहसील का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदारों और पटवारियों को निर्देश दिए कि कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में यदि अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। दमयंती नगर तहसील में हुई इस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन की निगाह दूसरे राजस्व कार्यालयों के कामकाज पर भी है। स्पष्ट संदेश है कि जनता की शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।