विश्वविद्यालय में छात्रों का दंडवत प्रदर्शन, 6 मांगों पर 2 दिन का अल्टीमेटम | SAGAR TV NEWS |
छतरपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवनों और कथित भ्रष्टाचार को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को छात्र नेताओं ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर कॉलेज चौराहे से विश्वविद्यालय तक दंडवत प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छह प्रमुख मांगें रखीं और उन्हें पूरा करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी गई है कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से करीब दो साल पहले बनाए गए कर्मशाला और आलेख भवनों की हालत खराब हो गई है। छात्रों ने इन भवनों की जांच कराने और आवश्यक मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि भवनों की स्थिति से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
छात्रों ने शिक्षकों की कमी को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पहले विश्वविद्यालय में करीब 110 अतिथि विद्वान कार्यरत थे, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर लगभग 40 से 45 रह गई है। इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 40 से 45 पद खाली होने का दावा किया गया है। छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उनका दावा है कि भर्ती के नाम पर 40 से 45 लाख रुपये तक मांगे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
छात्रों ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। भवनों की मरम्मत, शिक्षकों की नियुक्ति, भर्ती प्रक्रिया की जांच और सुरक्षा व्यवस्था समेत छह मांगों को लेकर छात्रों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस अल्टीमेटम पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, छात्रों ने मांगें पूरी नहीं होने पर तालाबंदी की चेतावनी दी है।