सागर में स्वामित्व योजना पर घमासान, 13 पटवारी निलंबित और 137 को नोटिस
सागर में स्वामित्व योजना को लेकर प्रशासन और पटवारियों के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। योजना के तहत होने वाली नि:शुल्क रजिस्ट्री प्रक्रिया का विरोध कर रहे पटवारी काम बंद कर हड़ताल पर हैं। इसी बीच कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लापरवाही के आरोप में 13 पटवारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि 137 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। दूसरी ओर, पटवारियों ने निलंबित और बर्खास्त साथियों की बहाली के साथ रजिस्ट्री में विक्रेता के नाम को लेकर बदलाव की मांग उठाई है। शनिवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्वामित्व योजना के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना और हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को लंबित प्रकरणों का सत्यापन तय समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटवारी अपने-अपने हल्का क्षेत्रों में जाकर हितग्राहियों से चर्चा करें, जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराएं और रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं। पोर्टल पर प्रकरणों का सत्यापन कर समय पर जमा करने के साथ नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त करने और अन्य पटवारियों के निलंबन जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वहीं, स्वामित्व योजना का विरोध कर रहे पटवारी राजभान लोधी ने बताया कि कलेक्टर से उनकी बातचीत हुई है। प्रशासन रजिस्ट्री कराने पर जोर दे रहा है, लेकिन पटवारियों ने अपनी मांगें रखी हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि निलंबित और बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को बहाल किया जाए। इसके अलावा, रजिस्ट्री में विक्रेता के नाम के स्थान पर राज्य शासन का नाम दर्ज करने की मांग भी की गई है। पटवारियों का कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया में उनका नाम आने से भविष्य में कानूनी विवाद की स्थिति बन सकती है। उन्होंने ड्रोन सर्वे में गड़बड़ियों की आशंका जताते हुए भी सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की सख्ती और पटवारियों की मांगों के बीच क्या कोई समाधान निकलता है। फिलहाल, स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री प्रक्रिया और कर्मचारियों की बहाली को लेकर विवाद जारी है।