सागर- 115 साल पुराने मंदिर की 9 एकड़ जमीन पर, स्टे के बाद भी फसल कटाई पर अड़चन का आरोप SAGAR TV NEWS
सागर जिले के खुरई क्षेत्र के कुमरोल गांव में 115 साल पुराने हनुमान मंदिर की करीब 9 एकड़ जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। पुजारी पक्ष का आरोप है कि न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद उन्हें जमीन पर खड़ी फसल काटने नहीं दी जा रही है। मामले को लेकर पुजारी के बेटे रामबाबू तिवारी ने जनसुनवाई में एसडीएम से शिकायत कर न्यायालय के आदेश का पालन कराने और फसल कटाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब यह विवाद प्रशासन के सामने पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक, कुमरोल निवासी रामबाबू तिवारी ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव में स्थित हनुमान मंदिर करीब 115 साल पुराना है। मंदिर की लगभग 9 एकड़ जमीन से होने वाली फसल की आय से पुजारी परिवार का भरण-पोषण और मंदिर का खर्च चलता है।
रामबाबू तिवारी का आरोप है कि गांव के मलखान सिंह, रमेश काछी और नन्नू राम तिवारी वर्ष 1992 के एक कथित आदेश की प्रति दिखाकर जमीन को ट्रस्ट की बता रहे हैं। पुजारी पक्ष का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में इस तरह का कोई आदेश मौजूद नहीं है। हालांकि, इस दावे और जमीन के स्वामित्व से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
शिकायत के अनुसार, जमीन से जुड़े विवाद के बाद मामला न्यायालय पहुंचा। पुजारी पक्ष का दावा है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश शोएब खान की अदालत ने उनके पक्ष में स्थगन आदेश जारी किया है। आरोप है कि आदेश में संबंधित जमीन से दूर रहने और पुजारी पक्ष को बेदखल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बावजूद अब फसल कटाई को लेकर विवाद बना हुआ है। पुजारी पक्ष का कहना है कि उन्हें फसल काटने से रोका जा रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। इसी को लेकर जनसुनवाई में शिकायत देकर न्यायालय के आदेश का पालन कराने, फसल कटवाने की व्यवस्था करने और संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल मंदिर की जमीन पर अधिकार और फसल कटाई को लेकर विवाद सामने है। अब देखना होगा कि प्रशासन शिकायत और न्यायालय के आदेश की जांच के बाद क्या कदम उठाता है। सबसे अहम सवाल यही है कि विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत कैसे निकलेगा, ताकि किसी भी पक्ष के अधिकार प्रभावित न हों।