पहले छात्र फिर छात्राओं ने लांघी हॉस्टल की दीवार, कलेक्टर से मिलने पैदल मार्च | SAGAR TV NEWS |
पहले छात्रों का गुस्सा देखने को मिला, वहीं इसके बाद छात्राओं में आक्रोश पनपता दिखाई दिया। उनका गुस्सा भी फूट पड़ा। कलेक्टर से मिलने की मांग को लेकर छात्राएं हॉस्टल की दीवार फांदकर 60 किमी पैदल निकल पड़ी। तस्वीरें शहडोल जिले से सामने आई हैं। दरअसल जैतपुर के विरौड़ी एकलव्य छात्रावास के 150 से ज्यादा छात्र अपनी समस्याएं लेकर सीधे कलेक्टर से मिलने करीब 60 किलोमीटर पैदल निकल पड़े। छात्रों ने बीते बुधवार को हॉस्टल की दीवार लांघकर सड़क पर मार्च शुरू किया था। जिसके बाद अब छात्राओं ने भी दीवार लांघी और कलेक्ट्रेट तरफ पैदल मार्च शुरू कर दिया। जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
छात्राओं का कहना था की वह अधिकारीयों से कोई बात नहीं करना चाहते न उन्हें अपनी समस्या बताना चाहते हैं। वह सीधे कलेक्टर से मिलकर उनके रखना चाहते हैं। इसी को लेकर वह करीब 60 किलोमीटर दूर शहडोल कलेक्ट्रेट के लिए पैदल निकल पड़े। हालांकि इस बात की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे छात्रों को समझाने की कोशिश करते हुए उन्हें वापिस छात्रावास ले जाने का प्रयास किया गया।
बस में बैठाकर उन्हें भेजने की भी कोशिश की गयी। लेकिन इसी बीच छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने भी हॉस्टल की दीवार लांघ दी। वह छात्राओं का समर्थन करते हुए पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट तरफ निकल पड़ी। वह करीब पांच किलोमीटर चलकर कुदरी/कुटरी तक पहुंच गईं थी। बताया गया अधिकारी लगातार छात्र-छात्राओं को समझाइश देते रहे। उन्हें वापिस भेजने की कोशिश की गयी।
खुद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा भी मौके पर पहुंचे थे जिन्होंने छात्रों से बातचीत की। उनका कहना था की छात्रों को वापिस लेकर आये हैं उनकी कुछ समस्याएं हैं। जिन्हे दूर किया जायेगा। हालांकि उन्होंने छात्राओं के व्यवहार पर नाराज़गी भी जताई। आरोप था की बातचीत के दौरान उन्हें धक्का दिया गया जिससे यह नीचे गिर पड़े। उन्होंने इस पर नाराज़गी जताई।
हाल फिलहाल प्रशासनिक जिम्मेदार छात्राओं की समस्याओं को लेकर समाधान में जुटा हुआ है। पहले जहां छात्रों ने कलेक्टर से मुलाकात की बात कही वहीं छात्राएं भी मार्च में शामिल हुई और मामला और भी चर्चा में आ गया। देखने वाली बात होती है की आखिर क्या नतीजा निकल पाता है।