Sagar - कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, 13 पटवारी निलंबित, 137 को नोटिस, जाने क्यों
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल इन दोनों एक्शन मोड में नजर आ रही हैं सरकारी योजनाओं का का लाभ आम जन तक नहीं पहुंचने और लापरवाही बरतने वाली पटवारियों पर सख्त कार्यवाही की है
कलेक्टर ने काम में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने पर जिले के 13 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं 137 अन्य पटवारियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। समीक्षा बैठकों और मैदानी निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं व लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर ने कहा कि, राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हितग्राही मूलक योजनाओं का सीधा सरोकार आम जनता और किसानों के जीवन से जुड़ा है।
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना हमारी प्राथमिकता है। शासकीय कर्मियों की लापरवाही से यदि कोई व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिन पटवारियों को निलंबत किया गया है, उनमें मीना खैरवार, पटवारी ग्राम मोठी तहसील सागर ग्रामीण, लक्ष्मी जाटव भौंहारी तहसील सागर ग्रामीण, अखिलेश दीक्षित बमनोदा तहसील गढ़ाकोटा, राजकुमार गौड़, भूपेन्द्र राज परिवीक्षाधीन पटवारी तहसील केसली, अजय श्रीवास्तव विनायठा तहसील खुरई, गोविन्द राय खिमलासा तहसील खुरई, पुष्पेन्द्र भदौरिया तहसील मालथौन, महेन्द्र अर्गल तहसील मालथौन, योगेन्द्र प्रताप (परीवीक्षाधीन) तहसील बांदरी, दिलीप राजा बंडा, अभिषेक कोरी सिंगरावन बंडा व ब्रजेंद्र रावत ग्राम जूना तहसील रहली शामिल हैं।
पूरे प्रदेश में पटवारी सरकार की स्वामित्व योजना का विरोध कर रहे हैं। कई जगह बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की गई है। गुरुवार को सागर कलेक्टर द्वारा 13 पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई को लेकर भी यह चर्चा है कि, यह प्रशासन की एक चेतावनी है। यदि स्वामित्व योजना का काम नहीं किया गया तो किसी न किसी बहाने से पटवारियों पर इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी हो सकती है।