सागर- राहुल-प्रियंका की हिरासत के विरोध में गढ़ाकोटा में कांग्रेस का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
सागर जिले के गढ़ाकोटा में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की हिरासत के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक और नगर कांग्रेस के संयुक्त प्रदर्शन में कार्यकर्ता बजाजी मैदान से मुख्य बस स्टैंड तक रैली निकालते हुए पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। पुतला दहन को रोकने के लिए पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक मशक्कत होती रही। गढ़ाकोटा में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता बजाजी मैदान में जुटे। हाथों में पार्टी के झंडे और नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता मुख्य बस स्टैंड पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र, मताधिकार, निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से पहला पुतला छीन लिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता दूसरा पुतला लेकर पहुंचे और उसका दहन कर दिया। पुतला जलते ही नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और पानी की बौछार कर आग बुझा दी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता तीसरा पुतला लेकर पहुंचे। पुलिस ने इसे भी रोकने की कोशिश की। इस दौरान थाना प्रभारी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पुतला लेने को लेकर खींचतान जैसी स्थिति बन गई। हालांकि कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे।
कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी कमलेश साहू ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं से जुड़े सवालों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से किया गया विरोध है। प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जानकी चौधरी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी कोरी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। गढ़ाकोटा में प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कई बार गहमागहमी देखने को मिली। कांग्रेस ने साफ किया कि चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।