ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस का धरना प्रदर्शन
लोकतंत्र बचाओ... देश बचाओ... और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग। इसी मुद्दे को लेकर एमपी के शिवपुरी में कांग्रेस ने बुधवार को जोरदार धरना प्रदर्शन किया। शहर के प्रमुख माधव चौक चौराहे पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेताओं ने धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। शिवपुरी के माधव चौक पर कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। कांग्रेस नेताओं के साथ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र की रक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम काटे जाने से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने केंद्र की भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। पोहरी विधायक कैलाश कुशवाहा का कहना है कि भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका के चलते मतदाताओं के नाम काटे गए और इसका फायदा भाजपा को मिला। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से भाजपा सत्ता में बनी हुई है। हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं और इन पर चुनाव आयोग या भाजपा का पक्ष इस प्रदर्शन के दौरान सामने नहीं आया।
धरने के दौरान विधायक कैलाश कुशवाहा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े एक अन्य मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद ज्ञानेश कुमार के परिवार में जिस तरह आईएएस बनने की बात सामने आई है, उसकी भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस विधायक ने इस मामले में जांच की मांग की। शिवपुरी में कांग्रेस का यह प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच हुआ। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई है। वहीं, प्रदर्शन में लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग और भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।