उज्जैन को मिला नया CMHO, डॉ. विक्रम रघुवंशी ने संभाला पदभार
एमपी के उज्जैन जिले को आखिरकार नया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मिल गया है। पूर्व CMHO डॉ. अशोक पटेल के 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने के छह दिन बाद डॉ. विक्रम रघुवंशी ने बुधवार को उज्जैन CMHO का पदभार संभाल लिया। सादगीपूर्ण तरीके से हुए पदभार ग्रहण कार्यक्रम में पूर्व CMHO डॉ. अशोक पटेल समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पदभार संभालने के बाद डॉ. रघुवंशी ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और शासन की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाने को अपनी प्राथमिकता बताया। दरअसल, डॉ. अशोक पटेल के सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले छह दिनों से उज्जैन का जिला स्वास्थ्य विभाग नियमित CMHO के बिना संचालित हो रहा था। शासन की ओर से डॉ. अनिल कुमार भार्गव को अस्थायी रूप से CMHO का प्रभार सौंपा गया था, लेकिन उन्होंने यह जिम्मेदारी संभालने में असमर्थता जताई।
इसके बाद मंगलवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने डॉ. विक्रम रघुवंशी को उज्जैन का नया CMHO नियुक्त करने का आदेश जारी किया। डॉ. रघुवंशी वर्तमान में शासकीय माधवनगर अस्पताल के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बुधवार को डॉ. विक्रम रघुवंशी पूर्व CMHO डॉ. अशोक पटेल और स्वास्थ्य विभाग के अन्य सहयोगियों के साथ CMHO कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और विधिवत पदभार ग्रहण किया। पूर्व CMHO डॉ. अशोक पटेल ने उन्हें जिले के नए CMHO का चार्ज सौंपा। इसके बाद मेडिकल स्टाफ और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया।
डॉ. रघुवंशी के CMHO का प्रभार संभालने के बाद अब शासकीय माधवनगर अस्पताल में भी नए प्रभारी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग जल्द ही वहां नई जिम्मेदारी तय कर सकता है। नए CMHO डॉ. विक्रम रघुवंशी ने कहा कि जिले के प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। इसके साथ ही सिंहस्थ को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच स्वास्थ्य विभाग को नया नेतृत्व मिला है। अब नई जिम्मेदारी के साथ डॉ. विक्रम रघुवंशी के सामने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत रखने की चुनौती होगी।