मशाल थामे CM मोहन यादव, मोदी के 25 साल पूरे होने पर निकली सेवा ज्योति यात्रा
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर खास आयोजन हुआ। दशहरा मैदान के समीप से शहीद पार्क तक निकली सेवा ज्योति यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद हाथ में मशाल थामकर कार्यकर्ताओं के साथ चलते नजर आए। ढोल-नगाड़ों की गूंज और नारों के बीच बड़ी संख्या में कार्यकर्ता यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के साथ चलने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए भी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सेवा संकल्प सभा से हुई। यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर बैठने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना। प्रधानमंत्री ने अपने 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के सफर को जनता के विश्वास से जोड़ते हुए देशवासियों के प्रति आभार जताया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद के विश्वगुरु भारत के सपने को साकार करने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित और अग्रणी राष्ट्र बनाने के संकल्प का भी जिक्र किया। उज्जैन के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने महाकाल लोक बनने के बाद धार्मिक पर्यटन में हुई वृद्धि की बात कही। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड से जुड़े विधानसभा निर्णय का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मौजूद लोगों को विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। सभा के बाद जैसे ही मशाल यात्रा शुरू हुई, पूरा मार्ग कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भर गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। कंट्रोल रूम से लेकर शहीद पार्क तक पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के चलते पुलिस और प्रशासन को भीड़ व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन में आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ जनभागीदारी के लिहाज से भी खास रहा। मुख्यमंत्री का मशाल थामकर यात्रा में शामिल होना आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।