मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- हार में आयोग दोषी, जीत में सही?
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के सवालों पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय कांग्रेस को अपनी पार्टी और संगठन का आत्ममंथन करना चाहिए। उनका सवाल है कि अगर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर ही भरोसा नहीं है, तो उसी प्रक्रिया से मिली जीत को कांग्रेस कैसे स्वीकार करती है? मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और विपक्ष चुनावी प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव की प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था के तहत चुनाव आयोग के माध्यम से पूरी होती है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया के जरिए उसे कई राज्यों में चुनावी सफलता मिली है, ऐसे में हार के समय उसी संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाना कितना उचित है।
मुख्यमंत्री ने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 63 सीटें जीतीं। चुनाव आयोग के आधिकारिक नतीजों में कांग्रेस को 63 सीटें दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांग्रेस के कमजोर होते जनाधार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को यह विचार करना चाहिए कि तमिलनाडु में उसकी स्थिति लंबे समय से कमजोर क्यों है, पश्चिम बंगाल में वह सत्ता से बाहर क्यों है और उत्तर प्रदेश-बिहार जैसे राज्यों में संगठन का आधार क्यों कमजोर हुआ। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन सवालों का जवाब चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने के बजाय संगठन और नेतृत्व के स्तर पर तलाशना चाहिए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी कांग्रेस के प्रदर्शन और नेतृत्व को लेकर आत्ममंथन करने की बात कही। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार चुनावी हार के लिए संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को संगठन मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
हालांकि, दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। यानी एक तरफ कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री मोहन यादव इसे लेकर कांग्रेस से आत्ममंथन की मांग कर रहे हैं। अब इस सियासी बयानबाजी के बीच चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।