नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी, पूर्व CMHO पर आरोप, नौकरी का झांसा देकर ठगी !
स्वास्थ्य विभाग में आउट सोर्स पर नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रूपये की ठगी की गयी है। इस मामले में पूर्व CMHO पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला रायसेन जिले से सामने आया। जहां जिला अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया। बेरोजगार युवाओं को आउटसोर्स पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज आरोप सीधे तौर पर पूर्व सीएमएचओ एच.एन मांडरे पर लगे हैं। आरोप है कि जिला अस्पताल में बड़े ओहदे पर पदस्थ रहने के दौरान उन्होंने भानपुर गांव समेत आसपास के गांवों के भोले-भाले युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। न नौकरी मिली न पैसा वापिस।
बताया गया की रायसेन जिले के भानपुर, केवट पिपरिया, बासखेड़ा और हथौड़ा समेत कई गांवों के युवाओं के साथ ठगी की गयी। पीड़ितों में राजेश केवट, हेमंत सिंह केवट, मन्नूलाल केवट, निर्मल केवट, रामपाल अहिरवार और अन्य कई नाम शामिल हैं। आरोप है कि आउटसोर्स पर जिला अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर इनसे करीब 5 लाख 80 हजार रुपये की वसूली की गई। नौकरी की आस में किसी ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी दे दी, तो किसी गरीब परिवार ने कर्ज लेकर पैसा दिया। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिल सकी।
आरोप है की पीड़ितों को पैसा वापिस नहीं लौटाया जा रहा। पूर्व सीएमएचओ से पैसे मांगने पर गुमराह कर धमकियां दी जा रही हैं। पीड़ित अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के कार्यालय पहुंचे थे। जहां उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उनका पैसा वापस दिलाने और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में कई तरह के सवाल गहरा रहे हैं पहला ये की गंभीर आरोप एक जिम्मेदार अधिकारी पर लग रहे हैं। क्या जिला अस्पताल में आउटसोर्स भर्ती के नाम पर लंबे समय से वसूली का गोरखधंधा चल रहा था। क्या इस मामले में खुलासा हो पायेगा। पीड़ितों को न्याय मिल पायेगा। देखने वाली बात होती है की आखिर कलेक्टर इस पर क्या संज्ञान लेते हैं। और क्या कार्यवाई की जाती है।