नोटों की माला पहनकर पहुंचा युवक, रिश्वत मांगने का आरोप | SAGAR TV NEWS |
नगर निगम की जनसुनवाई में एक युवक अनोखे अंदाज में अपनी शिकायत लेकर पहुंचा। युवक ने फूलों की जगह 100-100 रुपए के पांच नोटों की माला पहन रखी थी। उसका आरोप है कि एमपी के ग्वालियर नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में राशन कार्ड और समग्र आईडी से जुड़ा काम कराने के एवज में उससे रिश्वत मांगी गई। विरोध जताने के लिए युवक नोटों की माला पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा और अधिकारियों से मामले की जांच की मांग की। नोटों की माला पहनकर जनसुनवाई में पहुंचे युवक की पहचान हुरावली मुरार के वार्ड क्रमांक 60 निवासी रूप सिंह के रूप में हुई है। रूप सिंह के मुताबिक, उनके ससुर कल्याण सिंह कैंसर से पीड़ित हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है।
परिवार का कहना है कि गरीबी रेखा की सूची में शामिल किए जाने के बाद एसडीएम के आदेश को समग्र आईडी से लिंक कराने के लिए वे शारदा विहार स्थित नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे थे। रूप सिंह का आरोप है कि वहां काम कराने के बदले पहले 1500 रुपए मांगे गए। आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कहने पर कथित तौर पर रकम घटाकर 1000 और फिर 500 रुपए करने की बात कही गई। परिवार का यह भी आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने पर राशन और आयुष्मान योजना का लाभ बंद कराने की धमकी दी गई। परिजनों के मुताबिक, इसके बाद उनका राशन वास्तव में बंद हो गया।
कल्याण सिंह का इलाज आयुष्मान योजना के तहत हुआ है और परिवार का कहना है कि राशन बंद होने से उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों के साथ इलाज को लेकर भी परेशानी खड़ी हो गई है। कथित रिश्वत मांगने के विरोध में रूप सिंह ने पांच 100-100 रुपए के नोट आवेदन पत्रों पर चिपकाकर उनकी माला बनाई और उसे पहनकर जनसुनवाई में पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को लिखित शिकायत देकर बीपीएल पात्रता लिंक कराने, राशन बहाल करने और आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं नगर निगम के अपर आयुक्त प्रदीप तोमर के मुताबिक, शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में किसी अधिकारी या कर्मचारी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। अब निगाह इस बात पर है कि नगर निगम की जांच में क्या सामने आता है और शिकायतकर्ता के परिवार को राशन व अन्य योजनाओं का लाभ कब तक बहाल होता है।