सागर- चर्चित मामले में 718 दिन बाद चालान पेश, 40 कांग्रेसियों को कोर्ट ने किया जमानत पर रिहा !
सागर जिले के बीना क्षेत्र में करीब दो साल पुराना एक मामला सुर्ख़ियों में बना हुआ है। इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को खदेड़ा था। विरोध प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग भी हुआ था। जमकर बवाल मचा था। अब इस चर्चित राजनीतिक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 718 दिन बाद अदालत में चालान पेश किया। 40 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज इस केस में सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया है।
दरअसल 10 अक्टूबर 2024 को बीना विधायक निर्मला सप्रे के भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे पूछा था कि वह किस पार्टी में हैं। जिस पर उनका जवाब था की वह कांग्रेस की विधायक हैं। इस बयान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता उनके निवास पर स्वागत करने निकले थे। करीब 100 कार्यकर्ताओं के इस काफिले को अंबेडकर तिराहे पर पुलिस ने रोक दिया था। भीड़ को रोकने बैरिकेडिंग के साथ वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी।
इसके बाद बिना अनुमति भीड़ जुटाने और रास्ता जाम करने समेत अलग-अलग धाराओं में 40 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अब 718 दिन बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अधिवक्ताओं ने पैरवी की। जिसके बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। मामले में डॉ. ओमप्रकाश कैथोरिया और सुभाष सिंघई का निधन हो चुका है। जबकि राहुल कुर्मी, हरिराम कुशवाहा और फूलचंद की पहचान नहीं हो सकी है। बाकी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।--