लाड़ली बहना के आवेदन की अफवाह, निगम में उमड़ी महिलाओं की भीड़
नगर निगम कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में महिलाएं लाड़ली बहना योजना में नाम जुड़वाने के लिए पहुंच गईं। हाथों में आवेदन और उम्मीद लेकर पहुंची महिलाओं का कहना था कि उन्हें जानकारी मिली है कि योजना में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन निगम अधिकारियों ने जब पोर्टल की स्थिति स्पष्ट की, तो सामने आया कि फिलहाल नाम जोड़ने की ऐसी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। दरअसल, एमपी के छिंदवाड़ा जिले में सुबह करीब 10 बजे से महिलाओं का नगर निगम कार्यालय पहुंचना शुरू हुआ। कुछ ही देर में परिसर में लंबी कतार लग गई। महिलाएं आवेदन जमा करने के लिए घंटों इंतजार करती रहीं। कई महिलाओं का कहना था कि उन्हें बताया गया है कि लाड़ली बहना योजना में आवेदन लिए जा रहे हैं। इसी उम्मीद में वे फार्म लेकर निगम कार्यालय पहुंची थीं। दूसरी तरफ अधिकारी और कर्मचारी उन्हें समझाते रहे कि फिलहाल योजना का पोर्टल नए नाम जोड़ने के लिए खुला नहीं है।
भीड़ बढ़ने के बाद निगम अधिकारियों ने संबंधित पोर्टल की स्थिति भी महिलाओं के सामने स्पष्ट करने की कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और उनके आवेदन पोर्टल पर दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई महिलाएं आवेदन जमा करने की मांग पर अड़ी रहीं। उनका कहना था कि जब उन्हें जानकारी मिली है तो वे खाली हाथ वापस नहीं जाएंगी। महिलाओं के लगातार आग्रह को देखते हुए निगम कर्मचारियों ने आवेदन ले लिए और उनकी एक सूची तैयार कर ली। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि इन आवेदनों को लाड़ली बहना योजना के पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया है। आवेदन फिलहाल रिकॉर्ड के तौर पर रखे गए हैं, ताकि भविष्य में योजना को लेकर कोई नई प्रक्रिया शुरू होती है तो इनका उपयोग किया जा सके।
नगर निगम सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिन भी इसी तरह महिलाओं की भीड़ पहुंची थी। सोमवार को भी सुबह से शाम करीब 5 बजे तक निगम कार्यालय में महिलाओं की कतार बनी रही। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर लाड़ली बहना योजना में नाम जोड़ने की सूचना महिलाओं के बीच किसने पहुंचाई? निगम और प्रशासनिक स्तर पर इस जानकारी के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक या किसी संगठन से जुड़े लोगों की भूमिका की चर्चा जरूर है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल महिलाएं आवेदन देकर लौट गई हैं और योजना में नाम जुड़ने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।