Sagar - चीतों का आज से तीसरा ठिकाना होगा नौरादेही, मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से लेकर आएंगे चीते
सागर के नौरादेही टाइगर रिजर्व में में 100 साल बाद चीतों की घर वापसी होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को नर चीता थोलो व मादा सीसीबी-3 को हेलीकॉप्टर में लेकर आएंगे। वे दोपहर 12:55 बजे रहली विधानसभा क्षेत्र के मोहली हेलीपैड पर उतरेंगे।
वन विभाग के अनुसार थोलो व सीसीबी-3 दोनों 2 साल से अधिक उम्र के हैं। सीसीबी-3 हाल ही में गांधीसागर में छोड़ी सीसीबी-2 राधा की बहन है। नौरादेही में चीता प्रोजेक्ट बाघ शिफ्टिंग के पहले का है। करीब 15 साल पहले से अफ्रीकन चीतों को बसाने की प्लानिंग चल रही थी। इसी बीच 2018 में बाघ का जोड़ा लाया गया। इसके पहले बाघ विहीन रहे नौरादेही में अब 30 बाघों का बसेरा है।
उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता K.JP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इसके साथ देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं। थोलो और CCB-3 को टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इनके स्थानांतरण के बाद कूनो में 54 चीतें रहेंगे। गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में दक्षिण अफ्रीकी मूल के नर चीते प्रभास और पावक, मादा धीरा तथा सितंबर 2026 में बोत्सवाना से लाकर छोड़ी गई मादा राधा मौजूद हैं।
टाइगर रिजर्व को मध्यप्रदेश में चीतों के तीसरे आवास के रूप में विकसित किया गया है। चीतों की सुरक्षा और अनुकूलन के लिए लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आधुनिक बाड़ों को तैयार किया गया है। वन विभाग द्वारा चीतों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।