सागर- शराब दुकान हटाने की मांग पर महिलाओं का धरना, बोलीं घर बर्बाद हो रहे, बच्चों पर पड़ रहा असर
सागर के धर्मश्री-अंबेडकर वार्ड में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं और बच्चों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर और सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के पास संचालित शराब दुकान को लेकर महिलाओं में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दुकान को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र में नशे का असर बढ़ रहा है और इसका सीधा असर परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि वार्ड की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी अनुसूचित जाति वर्ग से है। शराब की वजह से घरों में आए दिन विवाद, मारपीट और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं।
धरने पर बैठी एक महिला ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए आंदोलन कर रही हैं। महिला के मुताबिक, कई युवक शराब पीकर घर लौटते हैं, बच्चों के साथ मारपीट करते हैं और घर का पैसा शराब में खर्च कर देते हैं। इससे कई बार परिवार के बच्चों को भूखे सोने की स्थिति तक बन जाती है।
वहीं, नशा मुक्ति अभियान से जुड़े युवाओं ने भी शराब दुकान का विरोध किया। उनका कहना है कि प्राथमिक स्कूल को शिक्षा का मंदिर माना जाता है और उसके सामने शराब दुकान का संचालन उचित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दुकान में स्थानीय विधायक के भाई पार्टनर हैं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 15 दिन का समय देते हुए शराब दुकान को स्थानांतरित करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है। इधर, प्रशासन का कहना है कि संबंधित शराब दुकान शासकीय है और इसे हटाने या यथावत रखने का निर्णय जिला समिति द्वारा लिया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं का ज्ञापन प्राप्त हो गया है और इसे जल्द ही समिति के समक्ष रखा जाएगा। प्रशासन के अनुसार, मंदिर की परिभाषा और 100 मीटर की दूरी से जुड़े निर्धारित मानकों के आधार पर फिलहाल दुकान नियमानुसार संचालित हो रही है।