सागर-पुरानी रंजिश में दो परिवारों में विवाद! महिला का पैर फ्रैक्चर, पति की पसलियां टूटीं
सागर जिले के खिमलासा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक-5 निवासी एक मजदूर परिवार ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचकर जानलेवा हमले, घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सुरक्षा की मांग की है। शिकायतकर्ता कमलाबाई कुशवाहा, उनके बेटे सीताराम पटेल और बहू रानी पटेल ने बताया कि 17 सितंबर 2026 की रात करीब 7 से 8 बजे वे परिवार के रवि पटेल के यहां मोहर विसर्जन देखने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान वार्ड क्रमांक-16 निवासी हल्काई पटेल, उनकी पत्नी पार्वती, बेटे राज और बेटी नेहा ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने लात-घूंसों के साथ लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और कटोनी से हमला किया। मारपीट में कमलाबाई के पैर का पंजा फ्रैक्चर हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर उनके पति अमोल कुशवाहा, बेटा और बहू मौके पर पहुंचे, तो आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट की गई। परिवार के मुताबिक, अमोल के दोनों हाथ और पसली में चोट आई, जबकि सीताराम के सिर में चोट लगी। बहू रानी के साथ मारपीट करने और मंगलसूत्र छीनने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी उनके घर में घुस गए और मारपीट के साथ तोड़फोड़ की। खिमलासा थाने पहुंचने पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया। बाद में डायल-112 की मदद से घायलों को बीना के सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अमोल कुशवाहा करीब 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहे।
परिजनों का आरोप है कि बाद में थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन घर में घुसने और तोड़फोड़ से जुड़ी धाराएं नहीं लगाई गईं। उन्होंने आरोपियों पर दबंगई और पुलिस से नजदीकी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और गांव के सामूहिक कुएं से पानी भरने पर भी विवाद किया जाता है। फिलहाल पीड़ित परिवार ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर उचित कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।