BJP के पूर्व विधायक के गंभीर आरोप, मंच से उठाए अफसरशाही पर सवाल
मध्यप्रदेश के निवाड़ी से प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा के ही पूर्व विधायक के तीखे आरोप सामने आए हैं। पृथ्वीपुर के तहसील परिसर में आयोजित सेवा सेतु अभियान के मंच से पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल यादव ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आवास स्वीकृत कराने के नाम पर लोगों से दस-दस हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। वहीं, शिविरों में शिकायत लेकर आने वाले लोगों की सुनवाई नहीं होने का भी दावा किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामला सागर संभाग के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर का है, जहां सेवा सेतु अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मंच से पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल यादव ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों की परेशानियों का मुद्दा उठाया।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि आवास स्वीकृत कराने के नाम पर पात्र लोगों से दस-दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर सरकारी शिविरों में पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिलती।
डॉ. यादव ने अधिकारियों की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई और मंच से ही प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई।
दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता ने सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हों। सितंबर में दमोह से भाजपा विधायक और पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया ने भी एक बैठक में गरीबों से पैसे लिए जाने और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।
अब निवाड़ी में पूर्व विधायक के ताजा आरोपों के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो प्रशासन इन आरोपों की जांच किस तरह करता है। फिलहाल, डॉ. यादव के आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भाजपा के ही नेताओं की ओर से प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे सवालों ने सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर चर्चा जरूर तेज कर दी है। अब देखना होगा कि निवाड़ी प्रशासन इन आरोपों की जांच कराता है या नहीं और शिकायतें सही पाए जाने पर क्या कार्रवाई होती है।