मंडी में नीलामी बंद, सड़क पर उतरे किसान; चक्काजाम के बाद शुरू हुई बोली
किसानों के विरोध का मामला सामने आया है। कृषि उपज मंडी में नीलामी प्रक्रिया बंद होने से किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। अपनी उपज लेकर घंटों से नीलामी का इंतजार कर रहे किसानों ने जब बोली शुरू नहीं होते देखी, तो सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। किसानों का आरोप था कि निर्धारित समय खत्म होने से करीब 10 मिनट पहले ही नीलामी बंद कर दी गई, जबकि करीब 25 से 30 ट्रॉलियों की उपज की नीलामी बाकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एमपी के उज्जैन जिले के खाचरौद की कृषि उपज मंडी में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे थे और नीलामी प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। किसानों के मुताबिक, मंडी में नीलामी प्रक्रिया अचानक रोक दी गई। काफी देर इंतजार के बाद भी जब नीलामी शुरू नहीं हुई, तो किसानों का सब्र जवाब दे गया।
किसानों ने सड़क पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना था कि शाम 5 बजे का समय था और 5 बजने में करीब 10 मिनट बाकी थे, लेकिन उससे पहले ही नीलामी बंद कर दी गई। किसानों के मुताबिक उस समय करीब 25 से 30 ट्रॉलियों की उपज की नीलामी होना बाकी थी।
किसानों ने कहा कि मंडी में छोटे और बड़े, दोनों किसान अपनी उपज लेकर आते हैं। कई किसान किराए के ट्रैक्टर-ट्रॉली से फसल मंडी तक पहुंचाते हैं। ऐसे में यदि समय से पहले नीलामी रोक दी जाती है, तो उन्हें आर्थिक नुकसान और अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही खाचरौद पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं एसडीएम नेहा साहू भी मौके पर पहुंचीं और किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाइश दी और जल्द नीलामी प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों की समझाइश के बाद किसानों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया। इसके बाद मंडी में नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई और रास्ते पर लगा जाम भी समाप्त हो गया।
फिलहाल प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और नीलामी शुरू हो गई। लेकिन इस घटनाक्रम ने मंडी व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आनी चाहिए। अब देखना होगा कि मंडी प्रशासन ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या व्यवस्था करता है।