Sagar- 150 साल पुराना जर्जर मकान बना खतरा, नोटिस के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
सागर के चकराघाट वार्ड में करीब 150 साल पुराना दो मंजिला कच्चा खपरैल मकान अब लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। आरोप है कि मकान लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा है और सार्वजनिक रास्ते से लगा होने के कारण इसके किसी हिस्से के गिरने से राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को खतरा हो सकता है। खास बात यह है कि मामले को लेकर नगर निगम से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत की जा चुकी है। नगर निगम की ओर से मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 309 और 310 के तहत नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक संभावित खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
मामला सागर शहर के कोतवाली थाने के चकराघाट वार्ड में वैद्य वाली गली के पास नवरंग वालों के बाजू में स्थित मकान नंबर 310/1 का बताया जा रहा है। आवेदनकर्ता साजिद अंसारी के मुताबिक यह भवन करीब 150 वर्ष पुराना और दो मंजिला कच्चा खपरैल मकान है, जो वर्तमान में बेहद जर्जर अवस्था में है।
आवेदन में बताया गया है कि भवन सार्वजनिक आवागमन वाले रास्ते से लगा हुआ है। ऐसे में दीवार, छत या खपरैल का कोई हिस्सा अचानक गिरता है, तो जान-माल का नुकसान हो सकता है। आवेदनकर्ता के अनुसार नगर निगम ने 14 जून 2026 को नोटिस जारी कर भवन को जीर्णशीर्ण और खतरनाक बताते हुए मरम्मत अथवा भवन को गिराकर खाली करने के निर्देश दिए थे।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने नगर निगम और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से पहले भी मामले की जानकारी दी है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पूरे भवन का खतरा समाप्त हो सके।
आवेदनकर्ता ने अपने हिस्से के भवन को नियमानुसार गिराने में नगर निगम को सहयोग देने की बात कही है। साथ ही दूसरे हिस्से से जुड़े पक्षकार को भी नियमानुसार नोटिस देकर उनका पक्ष लेने और पूरे भवन की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल एक हिस्से पर कार्रवाई से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
अब रहवासियों की मांग है कि नगर निगम की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर भवन की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण करे और यदि भवन खतरनाक पाया जाता है, तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही कार्रवाई होने तक आसपास के लोगों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं।
सवाल यही है कि जब शिकायतें हो चुकी हैं और नगर निगम की ओर से नोटिस भी जारी किया जा चुका है, तो कार्रवाई कब होगी? क्योंकि मामला सिर्फ एक जर्जर मकान का नहीं, बल्कि उसके आसपास से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है। अब देखना होगा कि नगर निगम संभावित हादसे से पहले क्या कदम उठाता है।