पेट्रोल पंप खाली कराने पहुंचीं नगर पालिका अध्यक्ष, कर्मचारियों ने किया विरोध
करोड़ों रुपए कीमत की नगर पालिका की जमीन को लेकर नगर पालिका और पेट्रोल पंप संचालक आमने-सामने आ गए। मामला एमपी के शिवपुरी जिले के झांसी तिराहे पर संचालित गांधी पेट्रोल पंप का है, जिसकी जमीन की लीज निरस्त हो चुकी है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद जमीन खाली कराने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा अपनी टीम के साथ पेट्रोल पंप पहुंचीं, लेकिन मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
जेसीबी के सामने नारेबाजी और विरोध के चलते नगर पालिका की टीम को कार्रवाई रोकनी पड़ी। दरअसल, झांसी तिराहे पर नगर पालिका की जमीन पर लंबे समय से पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है। नगर पालिका के मुताबिक, इस जमीन की लीज निरस्त हो चुकी है और हाई कोर्ट के आदेश के तहत जमीन खाली कराई जानी है। नगर पालिका का कहना है कि करोड़ों रुपए की इस जमीन को लेकर करीब 23 साल से कानूनी लड़ाई चल रही थी।
बताया गया कि हाई कोर्ट की ओर से जमीन को 2 अक्टूबर तक खाली करने का आदेश दिया गया था। लेकिन 5 अक्टूबर तक पेट्रोल पंप का संचालन जारी रहने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। जैसे ही टीम ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की, पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने इसका विरोध कर दिया। जेसीबी के सामने खड़े होकर कर्मचारियों ने नारेबाजी की, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा का कहना है कि शासकीय जमीन को खाली कराने के लिए नगर पालिका लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रही थी और अब फैसला नगर पालिका के पक्ष में आया है। उनका कहना है कि कोर्ट के आदेश के अनुसार जमीन को खाली कराया जाएगा।
वहीं पेट्रोल पंप संचालक समीर गांधी का कहना है कि वह हाई कोर्ट में मामला हार चुके हैं, लेकिन उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। उनका दावा है कि इसकी जानकारी नगर पालिका को भी दी गई थी। इसके बावजूद नगर पालिका की टीम पंप खाली कराने पहुंच गई। बाइट—समीर गांधी, पेट्रोल पंप संचालक अब इस पूरे मामले में अगला कदम क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी। नगर पालिका का कहना है कि करोड़ों की संपत्तियों का उपयोग और उनसे होने वाली आय बढ़ाकर आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं पेट्रोल पंप संचालक सुप्रीम कोर्ट में अपील लंबित होने का हवाला दे रहे हैं। फिलहाल, नगर पालिका और पेट्रोल पंप संचालक के बीच जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आ गया है।