सागर- गौरझामर में सड़क किनारे मृत मिला सियार, वन अमले ने किया अंतिम संस्कार | SAGAR TV NEWS |
सागर जिले के गौरझामर से वन्यजीव से जुड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण वन परिक्षेत्र गौरझामर की सीमा में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-26 के सागर बायपास पर कृषि अनाज मंडी के पास एक सियार मृत अवस्था में मिला। सड़क किनारे वन्यप्राणी के मृत मिलने की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ और मौके पर टीम भेजकर मृत सियार को सुरक्षित रूप से वहां से हटाया गया।
आवश्यक कार्रवाई के बाद वन अमले की मौजूदगी में सियार का नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया। बताया जा रहा है कि कृषि अनाज मंडी के समीप सड़क किनारे एक सियार मृत अवस्था में दिखाई दिया। इसकी सूचना दक्षिण वन परिक्षेत्र अधिकारी परिवेश सिंह को फोन के माध्यम से दी गई। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी ने वन अमले को तत्काल मौके पर भेजा।
वन विभाग की टीम ने वन स्वच्छता कर्मी की मदद से मृत सियार को सुरक्षित तरीके से वहां से हटाया और वन विभाग कार्यालय पहुंचाया। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। वन अमले की मौजूदगी में जलाऊ लकड़ी और अन्य ईंधन की सहायता से मृत वन्यप्राणी का अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग के मुताबिक, गौरझामर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और आसपास की बस्तियों से लगे खेतों के कारण कई बार वन्यप्राणी विचरण करते हुए सड़क तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में सड़क पार करते समय वाहनों की चपेट में आने से वन्यप्राणियों के घायल होने या उनकी मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
वन परिक्षेत्र अधिकारी परिवेश सिंह ने बताया कि वन विभाग वन्यप्राणियों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित विचरण को लेकर लगातार सतर्क रहता है। सियार के मृत मिलने की सूचना प्राप्त होते ही टीम को मौके पर भेजा गया और वन्यप्राणी को वहां से हटाकर नियमानुसार अंतिम संस्कार की कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद एक बार फिर सड़क से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
खासकर उन इलाकों में जहां जंगल और खेतों के बीच से सड़क गुजरती है, वहां वन्यप्राणियों के सड़क पर आने की संभावना बनी रहती है। फिलहाल वन विभाग ने मृत सियार का अंतिम संस्कार कर दिया है। विभाग की अपील है कि वन क्षेत्रों और उनके आसपास वाहन चलाते समय सावधानी बरती जाए, ताकि सड़क पर आने वाले वन्यप्राणियों को सुरक्षित रखा जा सके। गौरझामर की यह घटना वन्यजीवों के संरक्षण और सड़क सुरक्षा, दोनों के प्रति सतर्कता की जरूरत को सामने लाती है।