Sagar-सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खबर, शुरू हो गए भावांतर योजना में पंजीयन, यहां करें आवेदन
सागर सहित मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है। भावांतर योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन फसल के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू हो गए और किसान भाई 17 अक्टूबर 2026 तक करा पंजीयन करा सकेंगे, किसानों को अपनी सोयाबीन उपज के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीयन कराना होगा।
पंजीयन के लिए जिले में निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। किसान अपनी सुविधा के अनुसार निःशुल्क पंजीयन केंद्र या निर्धारित शुल्क वाले केंद्र पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं।
सोयाबीन किसानों के लिए पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था कई सरकारी और सहकारी केंद्रों पर की गई है। किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर बिना किसी शुल्क के पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी किसानों को निःशुल्क पंजीयन की सुविधा मिलेगी। किसान पंजीयन कराने से पहले अपने जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं, ताकि प्रक्रिया में परेशानी न हो।
किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी सोयाबीन का पंजीयन करा सकते हैं। इन केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का परीक्षण किया जाएगा। संबंधित दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
सागर जिले के कृषि उप संचालक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि सोयाबीन का पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। किसान का आधार वेरिफिकेशन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा। पंजीयन तभी हो सकेगा, जब भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज किसान के नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। नाम में अंतर होने पर किसान को तहसील कार्यालय से सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा।