स्कूल में पढ़ाने नहीं आती टीचर, महीने में एक बार हस्ताक्षर कर चली जाती हैं, टीचर पर लगे गंभीर आरोप !
शिक्षकों का काम है बच्चों का भविष्य संवारना उन्हें अच्छी तालीम देना। लेकिन यहां तो सब गड़बड़झाला सा है क्योंकि जिन शिक्षिका पर जिम्मेदारी है वह स्कूल ही नहीं आती आती भी हैं तो रजिस्टर पर हस्ताक्षर करके चलते बनती हैं। ये आरोप हम खुद नहीं लगा रहे बल्कि स्कूली बच्चों ने ही लगाए हैं। मामला छतरपुर जिले के बड़ामलहरा के विश्वा गांव स्थित सरकारी माध्यमिक स्कूल का है। आरोप है की यहां पदस्थ शिक्षका हरबाई अहिरवार महीने में एक ही दिन स्कूल आती हैं। सिर्फ बच्चों ने ही नहीं बल्कि ग्रामीणों ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। वहीं ये भी आरोप है की कई दफा शिकायत करने के बावजूद कोई कार्यवाई नहीं की गयी है।
बताया गया की शिक्षिका पिछले करीब 4 साल से सरकारी माध्यमिक स्कूल विश्वा में पदस्थ हैं। लेकिन स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं रहती। ग्रामीणों का आरोप है की वह कथित रूप से महीने में कभी-कभार ही स्कूल आती हैं। जो हस्ताक्षर कर चली जाती हैं।
वहीं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने भी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है की शिक्षका के न आने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ये भी आरोप है की उनके स्कूल आने पर अन्य शिक्षकों के साथ उनका विवाद होता है।
ऐसी जानकारी है की स्कूल के संस्था प्रमुख ने अपने संकुल प्राचार्य को लिखित शिकायत की है। वहीं उनकी तरफ से मामले की जानकारी और शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी स्तर तक भेजी गई है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बड़ामलहरा द्वारा पूरे प्रकरण की जांच की गई है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाई नहीं की जा सकी है। गांव के लोगों ने बीते मंगलवार को जनसुनवाई में टीचर की शिकायत की है लेकिन न जांच हुई न ही कार्यवाई।
मामले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमनुसार कार्यवाई की मांग की गयी है। खैर जो भी आरोप छात्र-छात्राओं या ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं वह कितने सही हैं ये जांच का विषय है। हम किसी भी तरह से आरोपों की पुष्टि नहीं करते हैं। देखने वाली बात होगी की आगे क्या कार्यवाई की जाती है।------