सागर- खुरई में फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजे को लेकर किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
सागर जिले के खुरई ब्लॉक में फसल नुकसान के सर्वे के बीच अब किसानों ने मुआवजे को लेकर प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी है। भारतीय किसान संघ ने साफ कहा है कि सात दिन में फसल नुकसान की सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि नहीं मिली, तो तहसील प्रांगण में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसान संघ का कहना है कि प्रभावित किसानों को उनकी फसल में दर्ज किए गए नुकसान की जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। दरअसल, खुरई क्षेत्र में फसल नुकसान के बाद किसानों की ओर से मुआवजे की मांग उठाई जा रही है। इसी को लेकर भारतीय किसान संघ ने 22 सितंबर को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रभावित किसानों को राहत राशि देने की मांग की थी।
ज्ञापन के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों में फसल नुकसान का सर्वे शुरू कराया गया। इसके लिए पटवारी, पंचायत सचिव और ग्राम सेवक की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें खेतों में पहुंचकर फसलों को हुए नुकसान का जायजा ले रही हैं और सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हैं। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष अनुरुद्ध सिंह ठाकुर का कहना है कि खेतों में सर्वे की प्रक्रिया तो चल रही है, लेकिन किसानों को अभी यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि उनकी फसल में कितना नुकसान दर्ज किया गया है। संघ ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराया जाए और जिस किसान की फसल में जितना नुकसान हुआ है, उसके आधार पर नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
संघ का कहना है कि सर्वे के दौरान वास्तविक नुकसान का आकलन बेहद जरूरी है, ताकि किसी पात्र किसान का नाम राहत से वंचित न रह जाए। वहीं किसानों को सर्वे की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की मांग भी की जा रही है। अनुरुद्ध सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि सात दिन बाद सर्वे रिपोर्ट सामने आने पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। यदि पात्र किसानों को इसके बाद भी राहत राशि नहीं मिलती है, तो भारतीय किसान संघ तहसील प्रांगण में धरना-प्रदर्शन करेगा। फिलहाल प्रशासन की सर्वे टीमें प्रभावित गांवों में फसल नुकसान का आकलन कर रही हैं। अब किसानों की नजर सर्वे रिपोर्ट और उसके आधार पर मिलने वाली राहत राशि पर है।