अनाज-दाल के दानों से बनाई बापू की तस्वीर, कलाकार का अनोखा संदेश | SAGAR TV NEWS |
गांधी जयंती पर एमपी के उज्जैन में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का एक अनोखा अंदाज देखने को मिला। शहर के कलाकार रवि आकोदिया ने दाल, चावल और अलग-अलग अनाज के दानों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शानदार पोर्ट्रेट तैयार किया है। खास बात यह है कि इस कलाकृति के जरिए उन्होंने बापू के सत्य और अहिंसा के संदेश के साथ-साथ लोगों को अन्न के सम्मान और उसके महत्व का संदेश भी दिया है।
गांधी जयंती के मौके पर उज्जैन के कलाकार रवि आकोदिया ने अपनी कला के जरिए बापू को अनोखी श्रद्धांजलि दी। पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत रवि ने सबसे पहले कैनवास पर महात्मा गांधी का रेखाचित्र तैयार किया। इसके बाद दाल, चावल और अलग-अलग प्रकार के अनाज के दानों को बेहद बारीकी से एक-एक कर चिपकाया और तैयार किया बापू का आकर्षक पोर्ट्रेट।
दूर से देखने पर यह तस्वीर किसी सामान्य पेंटिंग जैसी नजर आती है, लेकिन करीब से देखने पर इसकी खासियत साफ दिखाई देती है। तस्वीर को बनाने में रंगों की जगह अलग-अलग अनाज और दाल के दानों का इस्तेमाल किया गया है। रवि आकोदिया पिछले करीब 10 वर्षों से गांधी जयंती पर अलग-अलग माध्यमों से महात्मा गांधी की तस्वीर बनाते आ रहे हैं। पिछले साल उन्होंने बालू-रेत से बापू की तस्वीर तैयार की थी। इस बार उन्होंने अनाज को अपना माध्यम बनाया।
रवि के मुताबिक, इस साल कम बारिश की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अनाज के जरिए लोगों तक अन्न के महत्व का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया है। उनकी इस कलाकृति में कला के साथ सामाजिक संदेश भी जुड़ा हुआ है। कलाकार का मानना है कि महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनकी तस्वीर बनाने या उन्हें याद करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके विचारों और जीवन मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाना ही वास्तविक श्रद्धांजलि है।
दाल और अनाज के दानों से तैयार यह कलाकृति लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गांधी जयंती पर कला के इस अनोखे प्रयोग के जरिए कलाकार ने सत्य, अहिंसा और अन्न के सम्मान का संदेश देने की कोशिश की है। उज्जैन के कलाकार रवि आकोदिया की यह अनोखी कलाकृति कला के साथ संदेश भी देती है—अन्न का सम्मान करें और बापू के विचारों को अपने जीवन में उतारें।