बेजुबान वानर को मिली इंसानी संवेदना, विधि-विधान से किया अंतिम संस्कार
पितृपक्ष के बीच इंसानियत और संवेदनशीलता की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। सदर बाजार की सड़क पर मृत मिले एक बेजुबान वानर का दुकानदारों और समाजसेवियों ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। वानर के शव को लाल कफन ओढ़ाया गया, फूलों की माला पहनाई गई और इसके बाद उसे मुक्तिधाम ले जाकर विधि-विधान से दफनाया गया। मामला एमपी के मुरैना के सदर बाजार और हनुमान चौराहा क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बाजार में लंबे समय से नजर आने वाला यह वानर शुक्रवार तड़के मृत अवस्था में मिला था। उसका शव काफी देर तक सड़क पर पड़ा रहा।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह नगर निगम के सफाईकर्मी बाजार में सफाई कर वहां से निकल गए, लेकिन सड़क पर पड़े वानर के शव को नहीं उठाया गया। सुबह करीब 10 बजे सदर बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजेंद्र खेड़ा दुकान खोलने पहुंचे, तो उनकी नजर शव पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने साथी दुकानदारों और समाजसेवियों को सूचना दी। सभी ने मिलकर वानर के शव को उठाया। उसे लाल कफन ओढ़ाया गया और फूलों की माला पहनाई गई। इसके बाद शव को स्कूटी पर रखकर बड़ोखर मुक्तिधाम ले जाया गया।
सूचना मिलने पर नगर निगम के श्मशान प्रभारी नीलेश कारखुर, अमन कारखुर और समाजसेवी आशिफ कुरैशी एवं शिवसिंह खटीक भी मुक्तिधाम पहुंचे। सभी ने मिलकर वहां गड्ढा खोदा और वानर के शव को दफन कर अंतिम विदाई दी। सदर बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजेंद्र खेड़ा ने बताया कि यह वानर लंबे समय से बाजार में घूमता था। उनके मुताबिक, उसने कभी दुकानदारों या ग्राहकों को परेशान नहीं किया। फल विक्रेता उसे खाने के लिए फल देते थे और वह शांतिपूर्वक वहां से चला जाता था।
तेजेंद्र खेड़ा ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ पहले भी लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करते रहे हैं। जब उन्होंने वानर का शव सड़क पर पड़ा देखा, तो उन्होंने सम्मान के साथ उसकी अंतिम विदाई करने का फैसला किया। पितृपक्ष के दौरान मुरैना से सामने आई यह तस्वीर इंसानियत और जीवों के प्रति संवेदना का संदेश देती है। बेजुबान वानर को सम्मान के साथ अंतिम विदाई देकर दुकानदारों और समाजसेवियों ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।