Sagar- पितृ पक्ष में तर्पण करने वालों के लिए जरूरी नियम, पंडित ने बताया क्या करें-क्या न करें
पितृ पक्ष के दौरान पितरों की आत्मशांति और श्रद्धा के लिए तर्पण एवं श्राद्ध कर्म किया जाता है। 10 अक्टूबर तक पितृ पक्ष चल रहे हैं। तर्पण करने वाले व्यक्ति को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन कार्यों से बचना चाहिए, इसे लेकर सागर के पंडित दीपक पटैरिया ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। बताया तर्पण करने वाले व्यक्ति को सात्विक आहार लेने के साथ संयमित दिनचर्या का पालन करना चाहिए। क्रोध, विवाद और नशे से दूर रहना तथा ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना शुभ माना गया है।
तर्पणकर्ता को पितृ पक्ष के इन 15 दिनों में किसी दूसरे के घर भोजन करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही किसी की शवयात्रा में शामिल होने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। यदि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाए या शिशु के जन्म के कारण सूतक लग जाए, तो तर्पण और अन्य धार्मिक कार्य तत्काल रोक देना चाहिए। सूतक समाप्त होने के बाद ही पुरोहित के मार्गदर्शन में आगे की धार्मिक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
पितृ पक्ष के दौरान अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन कराना और दान देना भी शुभ माना गया है।