हत्या के आरोपियों का जुलूस, पुलिस ने घटनास्थल पर कराया मौका मुआयना | SAGAR TV NEWS |
एमपी के ग्वालियर में 22 सितंबर की आधी रात हुए छोटू उर्फ दीपक राजावत हत्याकांड में पुलिस ने गिरफ्तार दो आरोपियों का जुलूस निकालकर घटनास्थल का मौका मुआयना कराया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से वारदात की पूरी परिस्थितियों को समझने और घटनास्थल पर उनकी भूमिका की जानकारी जुटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और फरार आरोपियों से जुड़े सुरागों को लेकर भी पूछताछ की। दरअसल, गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के रेसकोर्स रोड पर 22 सितंबर की रात छोटू उर्फ दीपक राजावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि छोटू अपने साथियों के साथ शराब पार्टी के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने उसे घेर लिया और गोली मार दी। पुलिस के मुताबिक, छोटू भी हिस्ट्रीशीटर था।
जांच के दौरान पुलिस ने इस हत्या के मामले में रानू उर्फ अभिषेक राजावत और राजवीर उर्फ राजू चौहान को गिरफ्तार किया है। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने दोनों को भिंड रोड स्थित बंटू ढाबे के पास से पकड़ा था। इनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए गए। पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और कथित मुखबिरी का शक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में दिन्नू सिकरवार, हेमू सिकरवार और पिल्लू उर्फ विशाल शर्मा समेत कुछ अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने छोटू की गतिविधियों और उसके रूट पर नजर रखी थी। वारदात वाली रात भी उसकी लोकेशन की जानकारी आरोपियों तक पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस अब इन दावों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सत्यापित कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वहीं, मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर मौका मुआयना कराया, ताकि वारदात के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर के मुताबिक, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।