अदालत का फैसला आते ही एक्शन मोड में निगम अमला, दलबल के साथ पहुंचे,खुद हटाने लगे मकान-दुकानें
अदालत का फैसला आते ही प्रशासन की टीम जेसीबी और दलबल के साथ इलाके में पहुंची तो दुकानदारों और रहवासियों में हड़कंप मच गया। दरअसल हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद अब उज्जैन में महाकाल मंदिर मार्ग पर चौड़ीकरण का मुद्दा भी गरमा गया है। आलम ये है की अब स्थानीय लोग खुद ही दुकानें और मकानों को हटाने लगे हैं।
बता दें की आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग को चौड़ा करने की कवायद अब और तेज हो गयी है। महाकालेश्वर मंदिर के गेट नंबर-1 से लेकर महाकाल चौराहे तक प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ीकरण योजना पर हाईकोर्ट से स्टे खारिज होते ही नगर निगम का अमला हरकत में आया। अदालत के फैसले के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। जिससे क्षेत्र के दुकानदारों और रहवासियों में हड़कंप मच गया।
यह मार्ग महाकाल महाराज की पावन सवारी का मुख्य रास्ता भी है। मास्टर प्लान के तहत वर्तमान में 12 मीटर चौड़ी इस सड़क को 24 मीटर किया जाना तय है। साल 2023 में जब इस चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। तब स्थानीय 26 रहवासियों ने अदालत से स्टे ले लिया था। दो दिन पहले हाईकोर्ट से स्टे हटते ही प्रशासन ने तुरंत एक्शन मोड में आकर रोड चौड़ीकरण का काम शुरू करवा दिया है।
अधिकारी का कहना है की नगर निगम द्वारा चौड़ीकरण का काम आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है। जिसकी जद में आ रहे मकानों और दुकानों को खुद मकान मालिक अपने हाथों से हटा रहे हैं। मौके पर नगर निगम की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद है। वहीं क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि वे अपने हाथों से अतिक्रमण हटा रहे हैं लेकिन प्रशासन को उन्हें कुछ समय देना चाहिए था ताकि व्यवस्थाएं संभाली जा सकें। लोगों का ये भी कहना है कि वे शहर के विकास और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में पूरी तरह से प्रशासन के साथ हैं।
नगर निगम और प्रशासन लगातार क्षेत्र में मुनादी भी करा रहा है। अधिकारियों की माने तो बेहद महत्वपूर्ण सड़क होने से इसका काम समय सीमा में किया जाना ज़रूरी है।